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Tuesday, February 5, 2013

ज़िंदगी




















जिन्दगी !!!
तुम इतनी बेजार क्यों ?
परेशान क्यों ?
 मैंने जब भी
 चाह  की
 तुझे गले से लगाने की
 झटक के दामन
 छुड़ा के  बइयां
 बेबस कर गयी मुझे
 और मेरी खुशियाँ
 बाट जोहती रही
  तुम्हारा
 जिन्दगी
 तुम कब से इतनी
निष्ठुर हो गयी  ||

चित्र - गूगल


मीना पाठक